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भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) ने एमटेक-पीएचडी इंटीग्रेटेड नया पाठ्यक्रम शुरू किया है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी) के तहत डिजाइन किया गया है। एक साल में विद्यार्थियों को एमटेक की डिग्री मिलेगी। इसके बाद अधिकतम पांच साल में पीएचडी की डिग्री विद्यार्थी हासिल कर सकेंगे। परंपरागत एमटेक प्रोग्राम की सीटों में से दस फीसदी सीटें इंटीग्रेटेड के लिए तय की गई है। शोध को बढ़ावा देने के लिए संस्थान ने अहम कदम उठाया है।
एमटेक और एमटेक-पीएचडी इंटीग्रेटेड कोर्स में ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट) और सीसीएमटी के स्कोर कार्ड के आधार पर प्रवेश होगा। संस्थान में एमटेक आईटी, एमटेक बीआई और एमटेक ईसी संचालित किए जा रहे हैं। एमटेक-आईटी में 125 सीटें है, एमटेक-बीआई में 25 और एमटेक-ईसी में 50 सीटें हैं। इनमें से दस फीसदी सीटों पर एमटेक-पीएचडी इंटीग्रेटेड पर प्रवेश लिए जाएंगे। डीन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट प्रो. ओपी व्यास ने बताया कि इस पाठ्यक्रम के तहत प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राएं एक साल में एमटेक और न्यूनतम चार साल अथवा अधिकतम छह साल में एमटेक के साथ-साथ पीएचडी की डिग्री हासिल कर सकेंगे। सामान्य एमटेक पाठ्यक्रम के तहत दो साल में एमटेक की डिग्री मिलेगी। इसके बाद पीएचडी के लिए प्रवेश परीक्षा देनी होगी। लेकिन इंटीग्रेटेड के लिए पीएचडी करने के लिए अलग प्रवेश परीक्षा विद्यार्थियों को नहीं देनी होगी।
पहले साल मिलेगी 12 हजार प्रतिमाह छात्रवृत्ति
ट्रिपलआईटी में एमटेक-पीएचडी इंटीग्रेटेड कोर्स में दाखिला लेने पर छात्र-छात्राओं को पहले साल 12 हजार प्रतिमाह एमटेक कोर्स के लिए स्कॉलरशिप मिलेगी। इसके बाद द्वितीय साल से वह पीएचडी में प्रवेश कर जाएगा। फिर छात्रों को दो साल तक प्रतिमाह 35 हजार की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। इसके बाद पीएचडी पूरी करने तक 42 हजार प्रति माह मिलेगा।