UPSC Interview Questions on Ayodhya: राम मंदिर के कारण अयोध्या चर्चा में बना हुआ है। ऐसे में आज हम आपको अयोध्या की लड़की के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने पहले ही प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा पास की थी और अधिकारी बनने का सपना पूरा किया।
हम बात कर रहे हैं विदुषी सिंह की। अयोध्या की विदुषी ने सिर्फ 21 साल की उम्र में बिना किसी कोचिंग के अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी सीएसई 2022 परीक्षा को पास किया और उसमें 13वीं रैंक हासिल की। बता दें, विदुषी की रैंक इतनी अच्छी थी कि उन्हें सरलता से IAS का पद मिल सकता था, लेकिन उन्होंने इंडियन फॉरेन सर्विस (IFS) को चुना है। वह सीबी मुथम्मा को अपना आदर्श मानती है। मुथम्मा UPSC की परीक्षा पास कर 1949 में सिविल सेवा में आने वाली भारत की प्रथम महिला थीं। उन्होंने अपने कार्यक्षेत्र के रूप में इंडियन फॉरेन सर्विस (IFS) को चुना था।
विदुषी ने एक इंटरव्यू में बताया कि आज बिना परिवार के सपोर्ट के यहां नहीं पहुंच पाती। मेरे परिवार ने मेरे लिए सब कुछ किया है। मैं पहले कोविड लॉकडाउन में घर आ गई और परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थीं। मेरे परिवार ने मुझे किसी भी चीज़ के लिए परेशान नहीं किया था। मेरा काम सिर्फ पढ़ाई करना था।
जानें- उनके सफर के बारे में
विदुषी उत्तर प्रदेश के अयोध्या की रहने वाली हैं। उनके पिता यूपीपीसीएल में इंजीनियर हैं जबकि उनकी मां एक स्कूल टीचर हैं। ऐसे में उनके घर में शिक्षा को काफी महत्व दिया जाता था। विदुषी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा फैजाबाद से की, जिसे अब अयोध्या के रूप में जाना जाता है। उन्होंने जेबी अकादमी से 98.2 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) से बीए ऑनर्स (इकोनॉमिक्स) की डिग्री हासिल की थी।
विदुषी को यहां से मिली प्रेरेणा
विदुषी के दादा-दादी हमेशा उन्हें एक सिविल सर्वेंट के रूप में देखना चाहते थे। इसलिए, विदुषी बचपन से ही अपने सपने को पूरा करना चाहती थीं। ऐसे में वह शुरू से ही इस परीक्षा के बारे में पढ़ा करती थी। बता दें, दादा- दादी के अलावा उन्होंने अपने कॉलेज के टॉपर्स से भी प्रेरणा ली थी।
ऐसे शुरू की थी UPSC की तैयारी
विदुषी ने अपने कॉलेज के थर्ड ईयर में ही UPSC की पढ़ाई शुरू कर दी थी। उन्होंने NCERT और अन्य बेसिक किताबें पढ़कर अपनी नींव मजबूत की। जिसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि उन्हें कोचिंग की जरूरत नहीं है। इसलिए, उसने केवल कई टेस्ट सीरीज और मॉक के लिए एनरोलमेंट किया और सेल्फ स्टडी पर ध्यान दिया। वहीं उन्होंने ऑप्शनल सब्जेक्ट इकोनॉमिक्स के लिए चार महीने तक एक प्रसिद्ध शिक्षक से मदद ली थी।
उन्होंने कहा, “कॉलेज के तीसरे साल में मुझे एहसास हुआ कि कोचिंग की कोई ज़रूरत नहीं है और मैं अपनी तैयारी खुद ही कर सकती हूं, क्योंकि मेरे पास पर्याप्त समय था। फिर, मैंने खुद का विश्लेषण किया और जाना मैं कहां गलतियां कर रही हूं और इसे कैसे ठीक करूं। कॉलेज के बाद मैंने टेस्ट सीरीज पर फोकस किया। मैंने विभिन्न टेस्ट सीरीज परीक्षाओं के लिए दाखिला लिया जिससे मुझे प्रीलिम्स क्रैक करने में मदद मिली थी।
ऐसा था इंटरव्यू, पूछे थे अयोध्या पर प्रश्न
विदुषी ने बताया, इंटरव्यू अच्छा रहा था। उनसे उनके डीएएफ और उनके होम टाउन, अयोध्या से जुड़े प्रश्न पूछे गए थे। वहीं उनका जन्म जोधपुर में हुआ था, इसलिए उनसे एक फेमस सेलिब्रिटी कपल के नाम पूछे गए, जिन्होंने उम्मेद भवन में शादी की थी।