19 साल की उम्र में तोड़ा सचिन का रिकॉर्ड, टीम को बनाया चैंपियन, आईपीएल में अनसोल्ड रहने का गम नहीं

हाइलाइट्स

मुशीर खान को आईपीएल ऑक्शन 2024 में खरीदार नहीं मिला
मुशीर खान ने वर्ल्ड कप के बाद रणजी ट्रॉफी में मचाया धमाल

नई दिल्ली. सरफराज खान के छोटे भाई मुशीर खान भी उभरते हुए एक बेहतरीन क्रिकेटर हैं. मुशीर ने अंडर 19 विश्व कप में धमाल मचाने के बाद रणजी ट्रॉफी में भी कमाल का प्रदर्शन करते हुए अपनी घरेलू टीम मुंबई को रिकॉर्ड 42वीं बार ट्रॉफी दिलाने में अहम भूमिका निभाई. मुशीर ने रणजी ट्रॉफी के फाइनल में विदर्भ के खिलाफ शानदार सैकड़ा जड़कर दिग्गज सचिन के तेंदुलकर का रिकॉर्ड ध्वस्त किया. मुशीर को पिछले आईपीएल ऑक्शन में कोई खरीदार नहीं मिला था. बावजूद इसके उन्हें इसका कोई मलाल नहीं है. मुशीर का कहना है कि भले उन्हें आईपीएल कॉन्ट्रेक्ट ना मिला हो लेकिन उन्हें इस बात की खुशी है कि एक साल और उन्हें इस टी20 क्रिकेट को समझने का समय मिल गया.

19 वर्षीय मुशीर खान (Musheer Khan) का मानना है कि वह आने वाले समय में आईपीएल (IPL) में नाम कमाएंगे. मुशीर ने अपने पिता और कोच नौशाद खान (Naushad Khan)  कहे शब्दों को दोहराते हुए पीटीआई वीडियो से कहा, ‘मेरा नाम आईपीएल में नहीं है. लेकिन मैं निराश नहीं हूं. मेरे पिता ने मुझे कहा कि टेस्ट क्रिकेट और टीम इंडिया के लिए खेलो. आईपीएल बाद में खेल लोगे, आज नहीं तो कल. अच्छा है कि मुझे आईपीएल की तैयारी के लिए एक और साल मिल गया. मैं अब टी20 क्रिकेट को और समझूंगा कि मुझे इस प्रारूप के लिए कैसे तैयारी करनी चाहिए.’

ICC का नया ‘स्टॉप क्लॉक’ रूल क्या है? वनडे और टी20 में होगा लागू, 60 सेकेंड में शुरू करना होगा नया ओवर, 5 रन की लगेगी पेनाल्टी

वह एक ही हैं.. महेंद्र सिंह धोनी को लेकर ये क्या बोल गए युवा विकेटकीपर ध्रुव जुरेल

मुशीर खान ने रणजी फाइनल में 136 रन की पारी खेली
मुशीर खान ने हाल में रणजी ट्राफी फाइनल में मुंबई की दूसरी पारी में 136 रन बनाकर विदर्भ को 538 रन का लक्ष्य देने में मदद की. इससे मुंबई की टीम 42वां रणजी ट्राफी खिताब जीतने में सफल रही. यह दीगर ही है कि मुशीर इस प्रदर्शन के लिए अपने बड़े भाई सरफराज से प्रेरणा लेते हैं जिन्होंने पिछले महीने राजकोट में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट में भारत के लिए पदार्पण किया था.

‘भाई से काफी प्रेरणा लेता हूं’
बकौल मुशीर खान , ‘मैं अपने भाई के समर्पण और उनकी बल्लेबाजी को देखकर उनसे काफी प्रेरणा लेता हूं. हमारा बल्लेबाजी का तरीका भी समान ही है. उन्होंने मुझे रणजी ट्रॉफी फाइनल मैच से पहले कहा कि इसे एक सामान्य मैच की तरह ही सोचो और ज्यादा दबाव मत लो. बाहर से भले ही यह सामान्य मैच लग रहा हो लेकिन मैदान पर हमें दबाव महसूस हो रहा था. उन्होंने कहा था कि अपने कौशल पर भरोसा रखा और इसके मुताबिक खेलो.’

Tags: Cricket, Ranji Trophy, Sarfaraz Khan

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *