लड़का है या जादूगर! 5 साल में शुरू किया कंप्‍यूटर पढ़ना, 9 साल में बना दिया ऐप और 13वें साल खड़ी कर दी कंपनी

हाइलाइट्स

5 साल की उम्र में आदित्‍यन को कंप्‍यूटर सीखने का चस्‍का लगा.
9 साल की उम्र आते-आते आदित्‍यन ने खुद का ऐप बना डाला.
13वें साल में ही आदित्‍यन ने खुद की कंपनी भी खड़ी कर दी.

नई दिल्‍ली. जिस उम्र में बच्‍चे खिलौनों से खेलते हैं और पार्क जाने की जिद करते हैं, उस उम्र में आदित्‍यन ने कुछ कर गुजरने का जज्‍बा पाल लिया. 5 साल की उम्र में आदित्‍यन को कंप्‍यूटर सीखने का चस्‍का लगा और ऐसा लगा कि वह एक्‍सपर्ट बनता चला गया. 9 साल की उम्र आते-आते आदित्‍यन ने खुद का ऐप बना डाला. इतना ही नहीं जिस उम्र तक बच्‍चे यह नहीं समझ पाते कि उन्‍हें पढ़ना क्‍या है, उतनी उम्र यानी 13वें साल में ही आदित्‍यन ने खुद की कंपनी भी खड़ी कर दी. आदित्‍यन की यह कहानी बहुत ही इंस्‍पायर्ड करने वाली है.

हम बात कर रहे हैं आदित्‍यन राजेश की, जिसने खेलने-कूदने की उम्र में कंपनी खड़ी कर दी और देश का सबसे कम उम्र वाला सीईओ बन गया. मूलरूप से केरल के रहने वाले आदित्‍यन जब 9 साल के थे, तभी उन्‍होंने मोबाइल ऐप बना डाला और आज उनके पास दुबई में एक कंपनी भी है.

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क्‍या काम करता है ऐप
आदित्‍यन ने ऐप बनाकर उसमें अन्‍य मोबाइल ऐप को अपलोड करना शुरू कर दिया. इसका नाम Aptoide था जो ऐप का अल्‍टरनेटिव प्‍लेटफॉर्म था. इसके बाद क्‍लाइंट के लिए लोगो और वेबसाइट बनाने का काम शुरू किया. 17 दिसंबर, 2017 को महज 13 साल की उम्र में आदित्‍यन ने Trinet Solutions के नाम से खुद की कंपनी बनाई.

5 साल की उम्र शुरू किया सीखना
खलीज टाइम्‍स को दिए इंटरव्‍यू में आदित्‍यन ने बताया कि उसने 5 साल की उम्र से ही कंप्‍यूटर का इस्‍तेमाल करना शुरू कर दिया था. आदित्‍यन का जन्‍म थिरूविला, केरल में हुआ लेकिन उनकी पूरी फैमिली दुबई शिफ्ट हो गई. आदित्‍यन के पिता ने सबसे पहली वेबसाइट BBC Typing दिखाई थी, जिस पर बच्‍चे टाइपिंग सीख सकते हैं.

दोस्‍तों की जगह तकनीक ने ली
आदित्‍यन के पास ज्‍यादा दोस्‍त नहीं थे और यही कारण था कि वह ज्‍यादातर समय तकनीक और कंप्‍यूटर के साथ बिताता था. आदित्‍यन खुद बताते हैं कि वह सिर्फ 6 साल के थे और ज्‍यादातर समय यूट्यूब पर कार्टून देखने और स्‍पेलिंग बी जैसे गेम खेलने में बिताते थे. धीरे-धीरे कंप्‍यूटर और तकनीक के साथ मजा आने लगा और कुछ नया करने का जूनून सवार हो गया.

गूगल क्रोम जैसा ब्राउजर बनाया
आदित्‍यन ने खुद का ऐप आशीर्वाद ब्राउजर बनाया, जो गूगल क्राम की तरह काम करता था, लेकिन उतना जटिल नहीं था. इसके बाद 2 स्‍कूली दोस्‍तों के साथ मिलकर Trinet Solutions नाम से कंपनी बनाई. आदित्‍यन का कहना है कि उन्‍होंने पहले ही तय कर लिया था कि 18 साल की उम्र तक वे अपने कंपीन के मालिक बन जाएंगे. इस उम्र तक आते-आते हम एक कंपनी के तौर पर काम करने लगे और 12 क्‍लाइंट को अपनी डिजाइन व कोडिंग सेवाएं उपलब्‍ध कराने लगे.

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अभी फंडिंग की तलाश में आदित्‍यन
इसके बाद आदित्‍यन ने मल्‍टीनेशनल फर्म स्‍थापित करने के लिए Tangled नाम से एक और कंपनी बनाई. इसके अलावा वह अपना यूट्यूब चैनल व ब्‍लॉग भी चला रहे हैं. हाल में उन्‍होंने स्‍कूल पास किया है और अभी सिक्‍योर माई स्‍कॉलरशिप के साथ इंटर्नशिप कर रहे हैं, जहां अपनी कंपनी के लिए फंड जुटाने की कोशिश जारी है.

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