बदली किस्मत… पिता का बोझ होगा कम, 6 लोगों के परिवार में अकेला कमाने वाले का बेटा बना CA

अभिषेक माथुर/हापुड़. मेहनत अगर लगन से की जाए तो उसका परिणाम खाली नहीं जाता. ऐसा ही कुछ कर दिखाया है वैभव ने. उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में रहने वाले वैभव माहेश्वरी ने सीए बनकर अपना व अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है. वैभव को तीसरे प्रयास में सफलता मिली है. उनकी इस सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है.

हापुड़ के स्वर्ग आश्रम रोड स्थित मोदी जनाना अस्पताल के पीछे प्राईवेट क्वार्टर में रहने वाले मुकेश माहेश्वरी मोदी जनाना अस्पताल में ही एकाउंटेंट हैं. 20 हजार रुपये प्रतिमाह की सैलरी में वह अपनी माता व पत्नी क्षमा माहेश्वरी साथ ही दोनों बच्चों वैभव माहेश्वरी और माधव माहेश्वरी का खर्च चलाते हैं. मुकेश माहेश्वरी ने अपने बच्चों को होनहार बनाने का सपना देखा था. जिन्हें उनके बच्चे पूरी लग्न और ईमानदारी के साथ पूरा कर रहे हैं. वैभव माहेश्वरी ने जहां सीए बनकर अपने माता-पिता के सपनों को पूरा किया है, तो वहीं वैभव का छोटा भाई भी सीए फाइनल का एग्जाम 2024 में देने के लिए अपनी तैयारियों में जुटा है.

मेहनत से पाया मुकाम
वैभव ने बताया कि 20 बाई 20 के प्राईवेट क्वार्टर में उन्होंने अपनी सीए की तैयारी की है. बचपन में इंजीनियर बनने का सपना देखा था, लेकिन जब 9 वीं क्लास से साइंस की पढ़ाई मुश्किल लगी, तो फिर बाद में सीए बनने की ठान ली और 11वीं कक्षा से साइंस छोड़कर कॉमर्स लेकर अपनी तैयारी शुरू कर दी.वैभव ने बताया कि परिवार का सपोर्ट उन्हें हमेशा मिलता रहा. सीए की तैयारी के लिए सीए इंटर के एग्जाम में तीन बार निराशा हाथ लगी. जिसके बाद मन टूटने सा लगा. लेकिन माता-पिता और दादी ने उनकी हौंसला अफजाई की और एक बार फिर से तैयारी में जुटने के लिए प्रेरित किया. जिसके बाद उन्होंने अपना पूरा 100 प्रतिशत तैयारी में लगा दिया.

जीवन में संघर्ष करने से नहीं भागना चाहिए
वैभव ने बताया कि सीए बनने के लिए जरूरी ये नहीं है कि आप कितनी देर तक पढ़ाई कर रहे हैं, जरूरी ये है कि जितनी देर भी पढ़ाई करते हैं, वो समझ में आना चाहिए. अपना लक्ष्य निर्धारित कर उसे पाने में जी-जान से जुट जाना चाहिए. फिर सफलता जरूर मिलती है.

Tags: Jobs, Local18, Success Story

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