भारत में लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) की सनसनी है तो अमेरिका (America) में नवंबर में होनेवाले राष्ट्रपति चुनाव का उबाल देखा जा रहा है। विश्व के इन 2 महान लोकतंत्रों के चुनाव की तुलना की जा सकती है। भारत में 6 राष्ट्रीय पार्टियां व अनेक क्षेत्रीय पार्टियां चुनाव मैदान में हैं। आश्चर्य इस बात का है कि सत्ता की आकांक्षा रखने वाली पार्टियों में क्या निष्पक्ष संगठनात्मक चुनाव होता है? अनेक पार्टियों में ऐसा नहीं होता।
एक ही नेता सर्वोच्च या सुप्रीमो बना रहता है। उसके आदेश व निर्णयों को दूसरी पंक्ति के नेता और कार्यकर्ता सिर झुकाकर स्वीकार करते हैं। जिन्हें यह निर्णय मंजूर नहीं होता, वे पार्टी छोड़ देते हैं। यह सब बिल्कुल सामान्य हो गया है, मजबूत लोकतंत्र के लिए पार्टी के भीतर चुनाव होना आवश्यक है।
अमेरिका में 2 पार्टियां डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन हैं।
ये दोनों पार्टियां अपना अधिवेशन बुलाती हैं और राष्ट्रपति पद के लिए किसे उम्मीदवार बनाया जाए, इसका जायजा लेती हैं। फिर इच्छुक उम्मीदवार पार्टी की सभी राज्यस्तरीय शाखाओं में जाकर प्रचार करते हैं। बाद में प्रत्येक पार्टी का संभावित उम्मीदवार अमेरिका के 50 राज्यों में स्वयं जाकर प्रचार करता है।
48 राज्य मुख्य भूमि पर हैं जबकि अलास्का राज्य कनाडा के उत्तर में है जिसे अमेरिका ने रूस से खरीदा था। हवाई द्वीप प्रशांत महासागर में स्थित 50वां राज्य है जो द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद अमेरिका के कब्जे में आया। जिस उम्मीदवार को सबसे ज्यादा डेलीगेट्स के वोट मिलते हैं, उसे पार्टी राष्ट्रपति पद के लिए अपना प्रत्याशी बनाती है।